रिपोर्ट मोनी सैनी हरिद्वार
हरिद्वार धनौरी: हरिओम सरस्वती (पी.जी.) कॉलेज, धनौरी के कृषि विज्ञान विभाग के बी.एस.सी. (कृषि) प्रथम वर्ष के छात्र-छात्राओं ने आधुनिक कृषि तकनीक पर आधारित हाइड्रोपोनिक्स प्रोजेक्ट सफलतापूर्वक तैयार किया। यह तकनीक यूनानी शब्द ‘हाइड्रो’ (पानी) और ‘पोनोस’ (कार्य) से निर्मित है, जिसमें पौधों की जड़ों को पोषक तत्वों से युक्त पानी में डुबोकर बिना मिट्टी के उगाया जाता है। इस विधि में पौधे को सहारा देने के लिए कोकोपीट, पर्लाइट या रॉकवूल जैसे अक्रिय माध्यमों का उपयोग किया जाता है, जबकि पौधों की वृद्धि हेतु आवश्यक जैविक पोषक तत्व सीधे जड़ों तक पहुँचते हैं।छात्रों ने घरेलू स्तर पर कम लागत में डीप वाटर कल्चर (DWC) और विक सिस्टम जैसी विधियों का उपयोग करते हुए यह सेटअप तैयार किया। इसमें प्लास्टिक के अपारदर्शी टब, नेट पॉट, एयर पंप, एयर स्टोन, कोकोपीट/क्ले पेलेट्स, पोषक तत्व और स्वच्छ पानी जैसी सामग्रियों का उपयोग किया गया।हाइड्रोपोनिक्स विधि के प्रमुख लाभों में जल संरक्षण, उच्च उपज, कम स्थान में अधिक उत्पादन, खरपतवार एवं रोग नियंत्रण, और पूरे वर्ष फसल उत्पादन शामिल हैं। यह तकनीक आधुनिक कृषि में बढ़ती मांग के साथ किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रही है।कार्यक्रम का शुभारंभ कॉलेज के प्राचार्य डॉ० श्री योगेश योगी द्वारा किया गया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि ऐसे नवाचारी प्रोजेक्ट कृषि के क्षेत्र में विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, तकनीकी दक्षता, नवाचार भावना और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रोजेक्ट में सहयोग देने वाले सभी शिक्षकों एवं छात्रों की सराहना की।इस अवसर पर डॉ० राकेश चौधरी, डॉ० संजय कुमार, डॉ० तरुण सिंह, डॉ० रविंद्र सैनी, श्री शरद पांडेय, श्री मांगेराम चौहान, श्री दीपक धीमान, श्री मनीष धीमान समेत समस्त शिक्षकों और अंश सैनी, अंशिका चौहान, निशा, तरुण, विनय, गुनीत, मयंक, जयदीप, निकेश सहित बी.एस.सी. (कृषि) प्रथम वर्ष के सभी छात्र-छात्राओं ने एकजुट होकर शांति व स्वच्छता के साथ कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।,,,,,, मोनी सैनी की खास रिपोर्ट