अयोध्या: नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय से वर्ष 2019-20 से 2024-25 की पांच वर्ष की बैलेंस शीट वित्त नियंत्रक से भारतीय लेखा परीक्षा एवं लेखा विभाग ( कैग) ने मांगा है। कृषि विश्वविद्यालय बोर्ड से अनुमोदित बैलेंस शीट को एक सप्ताह में देना है। मूल प्रति (इंक स्याही) में उसे दिया जाना है। बैलेंस शीट प्रबंध समिति के सदस्यों के हस्ताक्षर से जाएगी।विश्वविद्यालय प्रबंधन के लिए यह शर्त परेशान करने वाली है। वरिष्ठ लेखा परीक्षा अधिकारी एएमजी -111 का पत्र है, जो वित्त नियंत्रक काे संबोधित है। बैलेंस शीट से लेखा परीक्षा (ऑडिट ) की जानी है। पांच वर्षों की आडिट से कृषि विश्वविद्यालय में हलचल है। *विधायक रामचंद्र यादव भी इससे पहले वित्तीय अनियमितताओं की शिकायत कोषागार निदेशालय-लखनऊ से सरकारी धनराशि के अपव्यय की कर चुके हैं।* कोषागार निदेशक विजय कुमार सिंह ने विधायक को शिकायत पर हस्ताक्षर प्रमाणित करने की जानकारी मांगी थी, जिसकी पुष्टि वह कर चुके हैं। हस्ताक्षर प्रमाणित होने के बाद माना जा रहा कि वित्त नियंत्रक के विरुद्ध जांच की तलवार लटकना तय है।