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साहिबजादों के बलिदान की शौर्यगााथा कहते वीर बाल दिवस का आयोजन किया गया

मैनपुरी- सुदिती ग्लोबल एकेडमी में मनाया गया वीर बाल दिवस l विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राम मोहन ने प्रातःकालीन सभा में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए वीर बाल दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने साहिबजादों के बलिदान की गाथा सुनाई और बताया कि किस प्रकार उन्होंने धर्म, सत्य और कर्तव्य के मार्ग पर चलकर अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान दिया।डॉ. राम मोहन ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा, साहिबजादों का त्याग और बलिदान हमें यह सिखाता है कि सच्चे साहस और कर्तव्यनिष्ठा के साथ किसी भी चुनौती का सामना किया जा सकता है। यह दिवस हमें अपनी संस्कृति और मूल्यों को सहेजने की प्रेरणा देता है।इस वर्ष 26 दिसंबर, 2024 को वीर बाल दिवस का आयोजन पूरे देश में बड़े पैमाने पर किया जा रहा है। यह दिवस विशेष रूप से भारत के भविष्य, बच्चों को समर्पित है। इस वर्ष वीर बाल दिवस का थीम वीरता रखा गया है, जो बच्चों द्वारा दिखाए गए साहस, दया, और दृढ़ता के कार्यों को सम्मानित करता है।इस अवसर पर पूरे सप्ताहभर विभिन्‍न गतिविधियाँ विद्यालय में आयोजित की जा गयीं। मुख्य कार्यक्रम जिसमें माननीय प्रधानमंत्री भारत के बच्चों को संबोधित किया, भी छात्रों को दिखाया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवा मस्तिष्क को प्रोत्साहित करना, उनकी सृजनात्मकता को बढ़ावा देना और विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में उनकी भूमिका को रेखांकित करना है।कक्षा चार तक के छात्रों के लिये मेरा भारत का सपना पर पेंटिंग प्रतियोगिता एवं मुझे क्या खुशी देता है विषय पर निबंध लेखन और कहानी प्रतियोगिता आयोजित की गयी।कक्षा 5 से कक्षा 10 तक के छात्रों के लिये विषय राष्ट्र निर्माण में बच्चों की भूमिका, विकसित भारत के लिए मेरी दृष्टि पर निबंध लेखन, कविता, वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गयी।विद्यालय में इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से विद्यार्थियों में देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी, और सृजनात्मकता को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया। पेंटिंग प्रतियोगिता में बच्चों ने अपनी कल्पना से रंग भरते हुए भारत के भविष्य का सपना प्रस्तुत किया। निबंध लेखन और कहानी सुनाने की प्रतियोगिताओं में बच्चों ने अपनी भावनाओं को शब्दों के माध्यम से व्यक्त किया।माध्यमिक वर्ग के विद्यार्थियों ने वाद-विवाद और डिजिटल प्रस्तुतियों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका को समझाने का प्रयास किया। उनकी प्रस्तुतियों में विकसित भारत के लिए नए विचार और योजनाएँ देखने को मिलीं।प्रबंध निदेशक डॉ. लव मोहन ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियाँ न केवल उनके कौशल को निखारती हैं, बल्कि उनमें राष्ट्रीय चेतना और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करती हैं।विद्यालय के विद्यार्थी और शिक्षकों ने उत्सुकता से माननीय प्रधानमंत्री के प्रेरणादायक संबोधन सुना। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों को विकसित भारत की दिशा में अपने योगदान को समझने और उस पर कार्य करने की प्रेरणा मिली।वीर बाल दिवस का यह आयोजन बच्चों को न केवल इतिहास के गौरवशाली पलों से जोड़ता है, बल्कि उन्हें भविष्य के लिए एक बेहतर नागरिक बनने की राह पर भी अग्रसर करता है।

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