अयोध्या (मंडल ब्यूरो गोपीनाथ रावत) सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी)मवई पर गुरुवार को नसबंदी शिविर का आयोजन होना था लेकिन सर्जन न आने की वजह से शिविर को अचानक निरस्त कर दिया गया जिसके चलते दूरदराज से आई महिलाओं ने नाराजगी जताते हुए खूब खरी खोटी सुनाया।शिविर में करीब 40 से अधिक महिलाओं की पूरी तैयारी के बाद भी नसबंदी नहीं की गई। उन्हें वापस लौटने को कहा गया तो महिलाएं और उनके परिजनो ने नाराजगी जताई। गुरुवार को सीएचसी मवई पर महिलाओं का पूर्व निर्धारित सिड्यूल से नसबंदी शिविर लगा था। विभाग की तरफ से एएनएम व आशा बहुओं ने दूरदराज के गांवों से कई महिलाओं को लेकर सीएचसी पहुचीं।लेकिन काफी देर तक इंतजार के बाद शिविर में सर्जन न आने की बात कहकर अचानक शिविर को निरस्त कर दिया गया और सीएचसी के चिकित्सकों ने ऑपरेशन करने से हाथ खड़ा कर दिया। इसके बाद महिलाओं को वापस जाने को कहा गया। इस पर महिलाओं ने नसबंदी न होने पर परिजनों के साथ स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नाराजगी जताया। महिला राजपति, राधा देवी, रितु , सविता, अंजलि,अनीता, प्रमिला, तारावती, सरस्वती आदि का आरोप है कि सुबह भूखे प्यासे दूरदराज के गांवों से पूरी तैयारियों के साथ आए थे लेकिन बाद मे उन्हे लौटा दिया गया। यह उचित नहीं है।सीएचसी मवई के चिकित्सा अधीक्षक डॉ० प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि शिविर कैंसिल हो गया है।इसका कारण उन्होंने नशबंदी सर्जन के न आने का बताया।उन्होंने बताया कि सर्जन के न आने की सूचना अधिकारियों को बताई गई है।लेप्रो विधि से होना था नसबंदी इस लिए जुटी थी भीड़सीएचसी मवई से जुड़े स्वास्थ्य कर्मियों ने बताया कि इस बार लेप्रो विधि से नशबंदी होनी थी इसलिए सैदपुर, सुनबा, बिहारा,कसारी जैसे दूरदराज से भी तमाम महिलाएं नसबंदी के लिए आई हुई थी लेकिन उन्हें वापस लौटना पड़ा जिसका प्रभाव अगले कैम्प पर भी देखने को मिलेगा।
सर्जन नही आए तो अचानक निरस्त हुआ नसबंदी कैम्प,दूरदराज से आई लाभार्थियों ने जताई नाराजगी
Sourceमंडल ब्यूरो गोपीनाथ रावत