मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह परिश्रम का कोई विकल्प नहीं, शॉर्टकट से नहीं मिलती सफलता, सफलता के लिए परिश्रम बेहद जरूरी- जिलाधिकारी
मैनपुरी – उ.प्र. माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा-2025 के मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री उ.प्र. शासन योगी आदित्यनाथ द्वारा लखनऊ में मेरिट में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों, खेल प्रतियोगिताओं में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों, शिक्षा के विकास के लिए विभिन्न परियोजनाओं का शिलान्यास के सजीव प्रसारण के उपरांत कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद के हाईस्कूल-इंटरमीडिएट के टॉप-10 मेधावी छात्रों को जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा, जिलाध्यक्ष ममता राजपूत, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आलोक गुप्ता, जिला पंचायत प्रतिनिधि गोविंद भदौरिया ने रू. 21-21 हजार के डेमो चैक, मैडल, प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने अपने सम्बोधन में कहा कि शिक्षकों ने छात्रों को बेहतर मार्ग-दर्शन देकर इस मुकाम को हासिल करने की प्रेरणा दी, मेधावी छात्रों के साथ उनके अभिभावक, शिक्षक भी प्रशंसा के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि विगत् कुछ वर्षों में जनपद में विकास कार्यों के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी बेहतर कार्य हुये है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण आज हम सबके सामने हैं, आज जनपद के 02 बच्चे मा. मुख्यमंत्री जी के कर कमलों से सम्मानित हुए हैं, छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों, शिक्षकों के लिए यह गौरव का क्षण है। उन्होंने कहा की बुलंदी पर पहुंचना उतना कठिन नहीं हैं जितना शिखर पर बने रहना है, जीवन लगातार बेहतर होने की कोशिश का नाम है, आपके जीवन की सार्थकता तभी है, जब आप इससे बेहतर करें, चाहे वह शिक्षा का क्षेत्र हो, चाहे जीवन में कुछ भी हो, जीवन का एक उद्देश्य यह भी है कि समाज आपको एक अच्छे व्यक्ति के रूप में सम्मान दें, एक अच्छे व्यक्ति के रूप में याद करें, यह महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि आज समाज में तेजी से परिवर्तन हुआ है, आज जिन मां-बाप के आय का स्रोत सीमित है, फिर भी वह अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए प्रयासरत् है। उन्होंने कहा कि आज के छात्र सौभाग्यशाली है कि प्रदेश सरकार का पूरा तंत्र शिक्षा के क्षेत्र में कार्य कर रहा है, विगत 08 वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश में अभूतपूर्व परिवर्तन हुए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय पूर्व प्रदेश के कुछ जनपद नकल कराने के लिए बदनाम थे, उन जनपदों मेंजो भी फॉर्म भरता था, पास हो जाता था, आज प्रदेश में नकल पर पूरी तरह रोक लगी है, आज वही विद्यालय परीक्षा केंद्र बन सकते है, जहां सभी मूल-भूत सुविधाएं उपलब्ध है, हर कमरे में सी. सी.टी.वी. कैमरे हैं। उन्होंने कहा कि आगे की समाज की रचना इन्हीं बच्चों से होनी है, इन्हीं को देश का नेतृत्व करना है यदि इन बच्चों की नींव मजबूत होगी, शिक्षा का स्तर बेहतर होगा तो यह बच्चे निश्चित रूप से देश को बेहतर मार्ग पर ले जाकर वर्ष 2047 तक देश को विकसित राष्ट्र बनाने में अपना योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि इस हॉल में उपस्थित छात्रों को गर्व होना चाहिए कि आपने उस कालखंड में बेहतर किया है, जिस कालखंड में नकल का नामो-निशां नहीं है। उन्होंने बच्चों का आह्वान करते हुए कहा कि आप सब अपना लक्ष्य निर्धारित कर समर्पण भाव से उसे पाने के लिए मेहनत करें, छात्रों के साथ शिक्षक, अभिभावक मिलकर जनपद को आगे ले जाने के लिए हर क्षेत्र में बेहतर कार्य करें ताकि जनपद का नाम प्रदेश के विकसित जनपदों की श्रेणी में शामिल हो सके।जिलाध्यक्ष ममता राजपूत ने कार्यक्रम में उपस्थित मेधावी विद्यार्थियों, उनके परिजनों, शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि उठो जागो और तब तक न रुको, जब तक आपको सफलता प्राप्त न हो जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, सिर्फ उन्हें सही दिशा देने की आवश्यकता है. मन को एकाग्र रख लक्ष्य तयकर जिस क्षेत्र में रुचि हो, उस क्षेत्र का चयन कर पूरी ईमानदारी से मेहनत करें, आपको सफलता अवश्य मिलेगी। उन्होंने कहा कि आपको जो टैबलेट मिला है, वह आपके लिए चलती-फिरती डिक्शनरी का कार्य करेगा, आप सब तकनीकि का सदुपयोग कर जीवन मे शिखर पर पहुंचे यही कामना है।पुलिस अधीक्षक गणेश प्रसाद शाहा ने अपने संबोधन में कहा कि आप सबको अथक परिश्रम के बाद यह सम्मान मिला है। उन्होंने कहा कि आज की पीढ़ी के सामने संसाधनों की कमी नहीं है, तकनीकि का पूरा सहयोग युवा पीढ़ी को मिल रहा है, इसके अलावा पूरे प्रशासन के साथ शासन भी आपके सहयोग के लिए खड़ा है, कुछ समय पूर्व छात्रों के पास संसाधन उपलब्ध नहीं थे, जिस करण परीक्षार्थी सभी विषयों में पारंगत नहीं होते थे लेकिन आज के छात्र सभी विषयों में पारंगत होकर बेहतर अंक प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि अंक प्राप्त करने के साथ-साथ शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दें, समय का सदुपयोग करें, आपने आज जो मुकाम हासिल किया है, उस मुकाम पर बने रहने के लिए आपको और अधिक मेहनत करनी होगी, निरंतरता बनाए रखनी होगी, गूगल भाई आपके सहयोग के लिए है, इसका दुरुपयोग न करें, प्रत्येक विषय का अपना महत्व, उपयोगिता होती है इसलिए सभी विषयों पर फोकस करें, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित कर आगे बढ़ें।जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, जिला पंचायत प्रतिनिधि ने हाईस्कूल परीक्षा में टॉप-10 में शामिल सुमित कुमार, सुमित बाबू, प्रशंसा, शिवांगी राजपूत, अमन, उज्जवल कुमार, राज प्रताप, आयुष्मान कुलश्रेष्ठ एवं इंटरमीडिएट के टॉप-10 सूची में शामिल आदित्य कुमार, तनिष्क राजपूत, देव बाबू, सोनाक्षी, निशा, राम रंजन सिंह, अनुराग, संजना कुमारी, रोहित यादव, विशाल कुमार को सम्मानित किया, हाईस्कूल में जनपद में सर्वश्रेष्ठ अंक प्राप्त करने वाले छात्र प्रखर, छात्रा काव्या को मा. मुख्यमंत्री उ.प्र. शासन द्वारा लखनऊ में सम्मानित किया गया।इस दौरान मेधावी छात्र-छात्राओं, उनके अभिभावक, शिक्षक, ब्लॉक प्रमुख जागीर, घिरोर मुनेष चौहान, सत्यपाल यादव, महामंत्री विशाल बाल्मिकी, विमल पाण्डेय के अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, नीरज दुबे, सुलक्षणा शर्मा आदि उपस्थित रहे।