अयोध्या SIR फॉर्म को लेकर राजनीतिक विवाद तेज, सपा ने भाजपा पर वोट कटवाने की साजिश का आरोप लगाया, 90% बीएलओ प्रशिक्षित नहींसपा नेता तेज नारायण पांडेय पवन का दावा—भाजपा SIR प्रक्रिया का दुरुपयोग कर पिछड़ों के वोट प्रभावित करना चाहती है।पवन के अनुसार, निर्वाचन आयोग 2003 की पुरानी और त्रुटिपूर्ण सूची के आधार पर फॉर्म भरवा रहा है।सूची में नाम, पिता का नाम, मोहल्ला सहित कई विवरण गलत, जिससे सत्यापन में दिक्कतें।पवन ने बताया—अपनी और परिजनों की जानकारी दर्ज की, लेकिन पोर्टल पर “Not Found” दिखा।अयोध्या का पूरा मैप उपलब्ध नहीं, कई लोग ऑनलाइन जानकारी फीड ही नहीं कर पा रहे।उनका दावा—80% मतदाताओं को यह भी नहीं पता कि उनका फॉर्म सही भरा है या नहीं, जिससे भ्रम बढ़ रहा है।आरोप—कई BLO अपना कार्य भाजपाई कार्यकर्ताओं को सौंप रहे, जिससे मनमाने तरीके से वोट कटने की आशंका।सूची में पुरुषों को महिला बना दिया गया, जातियाँ बदली गईं, और कई मतदाताओं के नाम दूसरी विधानसभा में दर्ज मिले।सपा ने मांग की—कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए, प्रक्रिया 3–5 महीने बढ़े, और घर-घर फॉर्म भरकर रसीद दी जाए।