मैनपुरी। कुं. आर. सी. महिला महाविद्यालय, मैनपुरी में एन.एस.एस. तथा एन. सी. सी. की इकाईयों द्वारा संविधान दिवस के अवसर पर एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में संविधान के मूल्यों, अधिकारों एवं कर्तव्यों के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। कार्यक्रम के आरंभ में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ शेफाली यादव ने अपने वक्तव्य में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि संविधान दिवस जैसे कार्यक्रम युवाओं में राष्ट्रप्रेम और संवैधानिक चेतना के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहे।संगोष्ठी की मुख्य वक्ता अलका पाठक ने अपने संबोधन में भारतीय संविधान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि, निर्माण प्रक्रिया तथा डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि संविधान केवल कानूनों का संकलन नहीं, बल्कि नागरिकों के लिए मार्गदर्शक है, जो समानता, स्वतंत्रता और न्याय की भावना को सुदृढ़ करता है। उन्होंने छात्राओं से संविधानिक मूल्यों को अपनाने और लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने का आह्वान किया। एन.सी.सी. कार्यक्रम अधिकारी सविता ने अपने वक्तव्य में कहा कि एन.सी.सी. छात्राओं में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और राष्ट्रभक्ति की भावना का विकास करती है। उन्होंने बताया कि संविधान हमें एक जिम्मेदार नागरिक बनने की प्रेरणा देता है साथ ही उन्होंने मौलिक अधिकारों पर विस्तारपूर्ण चर्चा की।इसके पश्चात एन.एस.एस. कार्यक्रम अधिकारी डॉ अनामिका सिंह तथा जया सिंह ने छात्राओं को सामाजिक जिम्मेदारियों की याद दिलाते हुए संविधान की प्रस्तावना (प्रस्तावना का महत्व) पर प्रकाश डाला और कहा कि संविधान का सम्मान करना ही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है। उन्होंने एन.एस.एस. के माध्यम से छात्राओं को समाज सेवा और जागरूकता अभियानों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में एन.एस.एस. एवं एन.सी.सी. दोनों इकाइयों की छात्राओं की उल्लेखनीय सहभागिता रही।