रिपोर्ट अशोक कुमार
शाहजहाँपुर । रमजान के आखिरी जुमे यानी अलविदा की नमाज के लिए जामा मस्जिद समेत जिले की विभिन्न मस्जिदों में लाखों लोग ने उत्साहपूर्वक भाग लिया । सुरक्षा की दृष्टि से जामा मस्जिदों और अन्य मस्जिदों के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर प्रशासन ने लोगों को निर्भयता ,शांति का पैगाम दिया । रमजान इस्लाम में सबसे पाक महीना माना जाता है इस माह के आखिरी जुमे को अलविदा कहा जाता है जिसका विशेष धार्मिक ,सामाजिक महत्व है जिले में शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले ही पीस मीटिंग कर अधिकारियों ने सभी से त्यौहार को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने और कोई नई परंपरा न डालने की अपील की थी । नमाज के बाद इमामों के नेतृत्व में सभी नमाजियों ने देश की तरक्की के लिए दुआऍं मांगी । इमाम ने नमाजियों को ईद से पहले फितरा और जकात निकालने की अहमियत बताकर इस्लाम की अन्य अच्छाइयों को भी बताया । पुलिस प्रशासन के अधिकारी मुख्य मस्जिदों से लेकर शहर की अन्य मस्जिदों तक लगातार गश्त करते रहे । निगोही की जामा मस्जिद , गौस नगर की मुख्य मस्जिद , देवबंदियों की मस्जिद , बारह राना की मस्जिद में भी हजारों नमाजियों ने अलविदा की नमाज पढ़कर देश की तरक्की के लिए दुआ की । सुबह से ही लोगों में आखिरी जुमे की नमाज के लिए विशेष उत्साह था । इमामों ने इस्लाम के फर्जों पर प्रकाश डालकर कौम की तरक्की के लिए अपील की । पुलिस सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था हेतु मस्जिदों के पास चाक चौबन्द दिखी ।