मैनपुरी – सुदिती ग्लोबल अकादमी, मैनपुरी में आज “यातायात माह समापन समारोह” का आयोजन बड़े हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए समाज को प्रेरित करना था।कार्यक्रम की शुरुआत में विद्यालय के वरिष्ठ प्रधानाचार्य डा0 राम मोहन, प्रशासनिक प्रधानाचार्य डा0 कुसुम मोहन ने मुख्य अतिथि जिलाधिकारी मैनपुरी श्री अंजनी कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक मैनपुरी श्री विनोद कुमार, एसपी सिटी श्री राहुल मिठास,, यातायात सीओ, श्री संजय कुमार वर्मा, एआरटीओ श्री शिवम यादव, यातायात निरीक्षक श्री प्रदीप कुमार सेंगर, तथा उपस्थित जनसमूह का स्वागत भारतीय परंम्परा अनुसार किया। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन एवं दीप प्रज्वलन से हुआ। मुख्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर ज्ञान की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती का पूजन किया गया। इसके पश्चात विद्यालय की छात्राओं ने स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया, जो पारंपरिक और आधुनिकता का सुंदर समावेश था। इसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।विद्यालय के छात्र छात्राओं ने सड़क सुरक्षा पर जागरूकता लाने के लिए विशेष नृत्य प्रस्तुत किए। जिनमे “खतरा है मौत वाला” यह प्रदर्शन एक प्रेरक संदेश था कि सड़क पर यातायात नियमों की अनदेखी कितनी घातक हो सकती है। दूसरे नृत्य “दुहाई है” ने न केवल यातायात नियमों के उल्लंघन के गंभीर परिणाम दिखाए, बल्कि समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया कि नियमों का पालन करना कितना आवश्यक है। दोनों प्रस्तुतियों को दर्शकों ने भरपूर सराहा।मुख्य अतिथि जिलाधिकारी श्री अंजनी कुमार सिंह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि “हमारे जीवन में यातायात नियमों का पालन उतना ही आवश्यक है जितना कि जीवन की अन्य बुनियादी आवश्यकताएं। सड़क पर दुर्घटनाएं रोकने का सबसे सशक्त उपाय है कि हर नागरिक यातायात नियमों का पालन करे। सुदिती ग्लोबल अकादमी जैसे शैक्षणिक संस्थानों द्वारा इस प्रकार की जागरूकता पहलें वास्तव में सराहनीय हैं। हमें यह समझना होगा कि एक छोटी सी गलती भी किसी की जान ले सकती है। इसलिए, अपने बच्चों को बचपन से ही नियमों का पालन करने की शिक्षा दें।”उन्होंने मैनपुरी जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर किए जा रहे प्रशासनिक प्रयासों का भी उल्लेख किया और छात्रों से आह्वान किया कि वे ‘रोड सेफ्टी एंबेसडर’ बनें।पुलिस अधीक्षक मैनपुरी, श्री विनोद कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि “सड़क सुरक्षा केवल एक सरकारी पहल नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक की जिम्मेदारी है। यातायात नियमों का पालन न करने से न केवल व्यक्ति की जान खतरे में पड़ती है, बल्कि पूरे समाज पर इसका प्रभाव पड़ता है।मैं सभी छात्रों और अभिभावकों से आग्रह करता हूं कि हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, और सड़क पर अनुशासन का पालन करना अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।मैनपुरी पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर कई अभियान चलाए हैं, लेकिन इसमें आपकी सहभागिता सबसे जरूरी है। मुझे खुशी है कि सुदिती ग्लोबल अकादमी इस जागरूकता को बढ़ावा दे रही है।”उन्होंने बच्चों के नृत्य प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि कला और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक संदेश देना एक प्रभावी तरीका है।कार्यक्रम के अगले चरण में, मुख्य अतिथियों को विद्यालय की ओर से स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट किए गए। यह सम्मान उनके अमूल्य योगदान और मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए दिया गया।विद्यालय के प्रधानाचार्य, डॉ. राम मोहन, ने अपने समापन भाषण में कहा कि “सड़क सुरक्षा का संदेश केवल एक दिन का आयोजन नहीं होना चाहिए। यह हमारा दैनिक प्रयास होना चाहिए। मैं अपने छात्रों और पूरे समाज से अनुरोध करता हूं कि यातायात नियमों का पालन करें और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करें। सुदिती ग्लोबल अकादमी इस मिशन में सदैव अग्रणी भूमिका निभाएगी।”उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए अतिथियों, आयोजकों, और छात्रों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा “यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज में बदलाव लाने की दिशा में एक छोटा सा प्रयास है। हमें गर्व है कि हमारी संस्था इस प्रयास का हिस्सा बन सकी।”कार्यक्रम का समापन सड़क सुरक्षा का पालन करने और इसे जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की शपथ के साथ हुआ। उपस्थित जनसमूह ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक और उपयोगी बताया।इस आयोजन ने सुदिती ग्लोबल अकादमी को एक बार फिर से यह साबित करने का अवसर दिया कि शिक्षा केवल ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का माध्यम है।