स्टेट ब्यूरो चीफ रिपोर्ट भूदेव प्रेमी
बोधगया, बिहार — बुद्धिस्ट इंटरनेशनल नेटवर्क (BIN) ने बोधगया महाविहार की मुक्ति के लिए देशव्यापी चरणबद्ध आंदोलन छेड़ने की घोषणा की है। संगठन का कहना है कि भगवान बुद्ध की संबोधि स्थली पर ब्राह्मणवादी कब्जा बेहद पीड़ादायक है। BIN ने महाबोधि टेंपल एक्ट 1949 को षड्यंत्रकारी कानून बताते हुए इसे रद्द करने की मांग की है। इस मांग को लेकर एसडीएम सदर को एक ज्ञापन सौंपा गया है।चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा: -संगठन ने पांच चरणों में आंदोलन चलाने का फैसला किया है —1. पहला चरण (3 मार्च 2025): देश के सभी जिलों में जिलाधिकारियों को महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया।2. दूसरा चरण (8 मार्च 2025): जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन का आयोजन किया जाएगा।3. तीसरा चरण (22 मार्च 2025): सभी जिला मुख्यालयों पर विशाल प्रदर्शन रैली निकाली जाएगी।4. चौथा चरण (9 अप्रैल 2025): देशव्यापी जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।5. पांचवां चरण (1 जुलाई 2025): भारत बंद का आयोजन किया जाएगा।आंदोलन की मुख्य मांगें:1. महाबोधि टेंपल एक्ट 1949 की समाप्ति: BIN का कहना है कि यह कानून बौद्ध समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत करता है। संगठन का आरोप है कि यह कानून ब्राह्मणवादी वर्चस्व को कायम रखने के लिए बनाया गया है, जो अंतरराष्ट्रीय धरोहर कानून का भी उल्लंघन करता है। संगठन ने मांग की है कि नया एक्ट बनाया जाए, जिसमें सभी सदस्य बौद्ध हों।2. महाबोधि महाविहार में शिवलिंग का मुद्दा:BIN ने सवाल उठाया है कि विश्व धरोहर स्थल में शिवलिंग की स्थापना क्यों है और बोधगया टेंपल मैनेजमेंट कमेटी (BTMC) इस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है।प्रमुख पदाधिकारी: -इस आंदोलन का नेतृत्व BIN के प्रमुख पदाधिकारी कर रहे हैं, जिनमें —. वामन मेधा . संदीप मानकरप्रो.थी.एस. हस्ते . आनंद कुमार गौतम भंते सोमानंद शामिल हैं। संगठन का कहना है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। BIN का दावा है कि यह आंदोलन बौद्ध समुदाय की धार्मिक अस्मिता की रक्षा के लिए एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।स्टेट ब्यूरो चीफ -(भूदेवप्रेमी, इंडिया टाइम्स 7 के लिए)