अमानीगंज-अयोध्या खंडासा थाना क्षेत्र के महुआ गांव में बंदरों की उछल कूद के बीच पेड़ से मोटी डाल टूटकर सिर पर गिरने से बहन के यहां रह रही विधवा लक्ष्मी (47) की दर्दनाक मौत हो गई। डाल गिरने से महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी, इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर ले जाया गया था जहां उनकी मौत हो गई। अचानक हुए इस हादसे से गांव शोक में डूब गया। मृतका लक्ष्मी अपने पति विनोद और 25 वर्षीय पुत्र की मृत्यु के बाद बीते एक वर्ष से अपनी बहन व बहनोई देवनाथ के साथ महुआ गांव में रह रही थीं। बुधवार को वह गांव के बाग में एक पेड़ के नीचे खड़ी थीं। उसी दौरान पेड़ पर बंदर उछल-कूद कर रहे थे, जिससे अचानक एक मोटी डाल टूटकर सीधे लक्ष्मी के सिर पर गिर पड़ी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद बहनोई देवनाथ व गांव के लोगों ने आनन-फानन में उन्हें सौ शैय्या संयुक्त चिकित्सालय कुमारगंज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने हालत नाजुक देखते हुए मेडिकल कॉलेज दर्शन नगर अयोध्या रेफर कर दिया। वहां उपचार के दौरान भी हालत में सुधार न होने पर उन्हें मेडिकल कॉलेज लखनऊ रेफर किया, लेकिन दर्शन नगर अस्पताल से निकलते ही लक्ष्मी की मौत हो गई। बहनोई देवनाथ ने बताया कि लक्ष्मी की शादी कुमारगंज थाना क्षेत्र के हरदोईया पडाईन के पुरवा गांव में हुई थी। एक वर्ष पूर्व उनके पति विनोद का निधन हो गया था। पति की तेरहवीं के दूसरे ही दिन इकलौते युवा पुत्र सिक्कू की भी मृत्यु हो गई थी। लगातार दो बड़े आघातों से लक्ष्मी मानसिक रूप से टूट चुकी थीं और तभी से बहन-बहनोई के साथ रह रही थीं। लक्ष्मी की मौत से गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गुरुवार को महुआ गांव में शव का अंतिम संस्कार किया गया।