अवशेष इन्फाकिट तत्काल की जायें कय, सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर बच्चों हेतु मूल-भूत सुविधाओं के साथ आवश्यक उपकरण रहें उपलब्ध – अंजनी कुमार
मैनपुरी जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने जिला पोषण समिति की बैठक में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां समयान्तर्गत गृह भ्रमण कर पोषण ट्रैकर ऐप में अपलोड करें, शेष लाभार्थियों के आधार, मोबाइल नम्बर प्राथमिकता पर सत्यापित कराये जायें, सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर इन्फाकिट उपलब्ध रहें, वी.एच.एस.एन.डी. सत्र हेतु तख्त, कुर्सी, मेज व पर्दा आदि सामग्री की उपलब्धता खंड विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी आपस में समन्वय स्थापित कर सुनिश्चित करायें, सैम मैम बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्र में प्रतिमाह नियमित रूप से भर्ती करायें, जिससे बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार हो तथापोषण पुनर्वास केंद्र की सुविधाओं का शत-प्रतिशत उपयोग हो सके। उन्होंने समीक्षा के दौरान कहा कि सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों पर इन्फ्राकिट की उपलब्धता सुनिश्चित करायी जाए, अभी जनपद के 1788 के सापेक्ष 1208 केंन्द्रो पर ही इन्फाकिट उपलब्ध है। उन्होंने निर्देशित करते हुए कहा कि बीएचएनडी मद में उपलब्ध धनराशि से शेष आंगनबाड़ी केन्द्रों पर इन्फ्राकिट कय की जायें।श्री सिंह ने पोषण ट्रैकर एप की समीक्षा के दौरान पाया कि बाल विकास परियोजना इकाई बरनाहल द्वारा 2943 के सापेक्ष माह अप्रैल में 3861, बेवर द्वारा 5539 के सापेक्ष 5173, घिरोर द्वारा 4063 के सापेक्ष 3875, किशनी द्वारा 4656 के सापेक्ष 4443, कुरावली द्वारा 4157 के सापेक्ष 4017, मैनपुरी नगर इकाई द्वारा 6139 के सापेक्ष 5737 घरों का भ्रमण किया गया, जो माह मार्च के सापेक्ष अधिक है, वहीं बाल विकास परियोजना इकाई करहल द्वारा 2585 के सापेक्ष 2551 एवं मैनपुरी देहात द्वारा 5678 के सापेक्ष 5306 घरों का भ्रमण किया गया है, जो माह मार्च से कम है, जिस पर उन्होंने संबंधित सी.डी.पी.ओ. को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रतिमाह निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष होम विजिट कर पोषण ट्रैकर एप पर अपलोड करना सुनिश्चित करे। उन्होंने समीक्षा के दौरान पाया कि पोषण ट्रेकर एप पर 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के वजन कर एप पर अपलोड करने में बाल विकास परियोजना इकाई मैनपुरी देहात की प्रगति काफी खराब है, माह मार्च के सापेक्ष माह अप्रैल में 03 प्रतिशत की कमी है जबकि अन्य इकाइयों में बेहतर कार्य किया है, सबसे बेहतर कार्य किशनी में हुआ है, जहां 99.98 प्रतिशत बच्चों का वजन कर पोषण ट्रैकर एप पर अपलोड किया गया है, पोषण ट्रैकर एप पर मोबाइल वेरीफिकेशन लक्ष्य 196740 के सापेक्ष 169633 लाभार्थियों के मोबाइल वेरीफिकेशन कराये जा चुके हैं. लाभार्थियों के आधार सीडिंग का कार्य लगभग शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है, मात्र 13 लाभार्थियों के आधार सीडिंग शेष है।जिलाधिकारी ने समीक्षा के दौरान पाया कि जनपद में 1670 सैम एवं 5833 मैम बच्चे चिन्हित हैं, चिन्हित मैम बच्चों में से माह अप्रैल में 19 बच्चे ही पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती कराये गये हैं। उन्होने असंतोष व्यक्त करते हुये कहा कि बाल विकास परियोजना अधिकारी किशनी, जागीर द्वारा माह अप्रैल में एक भी बच्चा एनआरसी में भर्ती नहीं कराया गया है, जिस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उन्होने सम्बन्धित सी.डी.पी.ओ. के साथ प्र. चिकित्साधिकारी को आदेशित करते हुये कहा कि प्रतिमाह अपने-अपने विकास खंड से कम से कम 02-02 चिन्हित सैम-मैम बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित कर एन.आर.सी. में भर्ती कराना सुनिश्चित करें। उन्होने समीक्षा में पाया कि सर्वाधिक 344 सैम बच्चे विकास खंड किशनी, 235 बच्चे विकास खंड घिरोर, 214 बच्चे विकास खंड सुल्तानगंज, 208 बच्चे विकास खंड बेवर में चिन्हित हैं वहीं 998 मैम बच्चे विकास खंड बेवर, 801 बच्चे विकास खंड सुल्तानगंज, 753 बच्चे मैनपुरी देहात, 647 बच्चे विकास खंड घिरोर में चिन्हित हैं।बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनंद, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, समस्त खंड विकास अधिकारी, समस्त प्र. चिकित्साधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन जिला कार्यक्रम अधिकारी हरिओम बाजपेयी ने किया।