आशा, संगिनी के मानदेय के भुगतान में किसी स्तर पर न हो विलंब, चिकित्सक अपने दायित्वों के प्रति रहे संवेदनशील – अंजनी कुमार**प्र
मैनपुरी – जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य समिति के अंतर्गत ज़िला स्वास्थ्य समिति शासी निकाय की मासिक समीक्षा के दौरान नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि नियमित टीकाकरण में जनपद मंडल में तीसरे स्थान पर है, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुरावली, जागीर, बरनाहल में टीकाकरण की प्रगति बेहद खराब है, खराब प्रगति पर प्र. चिकित्साधिकारी कुरावली, जागीर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश देते हुए कहा कि जब तक संबंधित प्र. चिकित्साधिकारियों द्वारा संतोषजनक उत्तर न दिया जाए तब तक प्र. चिकित्साधिकारी कुरावली, जागीर का वेतन आहरित न किया जाए। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रकरावली में प्रसव के दौरान एक गर्भवती महिला की मृत्यु हुई है, जो कष्टदाई है, चिकित्सक, स्वास्थ्य कर्मी प्रसव के दौरान पूरी सावधानी बरतें, गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला की बेहतर देखभाल हो, उन्हें समय से ऑयरन, कैल्सियम की टेबलेट के साथ सभी जॉचे समय-समय पर करायी जाए, उन्हें पोषक आहार खाने के लिए जागरूक किया जाए साथ ही उनके परिजनों को संस्थागत प्रसव कराने के लिए भी जागरूक किया जाए, प्रसव के उपरांत प्रसूता को डिस्चार्ज होने पर ही जननी सुरक्षा योजना का लाभ उपलब्ध कराया जाए, सुबह का नाश्ता, दोपहर, शाम का खाना समय से उपलब्ध कराया जाए, खाने की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए साथ ही र ड्रॉपबैक की सुविधा उपलब्ध कराकर 102 एंबुलेंस से उनके घर तक भेजा जाए। ही उन्हेंश्री सिंह ने प्र. चिकित्साधिकारियों से कहा कि आशा, संगिनी के मानदेय के भुगतान में किसी भी स्तर पर विलंब न हो यदि कोई संगिनी बीमार हो तो उसके क्षेत्र की आशा, ए.एन.एम. के माध्यम से वाउचर एकत्र कराकर समय से भुगतान कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य केंद्र करहल, बरनाहल के सी.एच.ओ. द्वारा ई-संजीवनी में बेहतर कार्य नहीं किया जा रहा है, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में भी स्वास्थ्य केंद्र कुचेला, सुल्तानगंज, किशनी में प्राथमिक विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण की प्रगति ठीक नहीं है, संबंधित प्र. चिकित्साधिकारी इस ओर ध्यान दें, खंड शिक्षाधिकारियों, बाल विकास परियोजना अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर कार्यकम की प्रगति सुधारें, जिस दिन आर.बी.एस.के. टीम विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्र जाएं, उस दिन विद्यालय, आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकृत सभी बच्चे उपस्थित रहें ताकि उनके स्वास्थ्य की जांच की जा सके।जिलाधिकारी ने जिला क्षय रोग अधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जनपद में चिन्हित क्षय रोगियों की बेहतर देखभाल की जाए, उन्हें योजना में मिलने वाली धनराशि समय से उपलब्ध करायी जाए, प्रतिमाह पोषण पोटली भी उपलब्ध करायी जाए, जनपद में संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटर का नियमित रूप से निरीक्षण किया जाए, अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालकों से निर्धारित मानकों का पालन कराया जाए। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना की समीक्षा करने पर पाया कि वार्षिक लक्ष्य 23940 के सापेक्ष अब तक 2153 संस्थागत प्रसव हुए हैं, जिसमें से मात्र 1281 प्रसूताओं को ही जननी सुरक्षा योजना का लाभ उपलब्ध कराया गया है। उन्होने प्र. चिकित्साधिकारियों, चिकित्साधीक्षक महिला को निर्देशित करते हुए कहा कि प्रसूताओं को समय से योजना का लाभ उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने राष्ट्रीय अधंता निवारण कार्यक्रम, जननी शिशु सुरक्षा योजना, एंबुलेंस 102, 108 रिस्पांस टाइम, क्षय रोग उन्मूलन, परिवार कल्याण कार्यकम आदि की बिंदुवार गहन समीक्षा की।इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु, अपर जिलाधिकारी श्यामलता आनंद, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, परियोजना निदेशक डी.आर.डी.ए. सत्येन्द्र कुमार, मुख्य चिकित्साधीक्षक मदनलाल, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अनिल वर्मा, यूनिसेफ से संजीव पांडेय, जिला क्षय रोग अधिकारी डा. आशुतोष, जिला कार्यकम अधिकारी हरिओम बाजपेयी, उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विनय शुक्ला, स्वास्थ्य शिक्षाधिकारी रविंद्र सिंह गौर, डी.पी.एम संजीव पांडेय, समस्त प्र. चिकित्साधिकारी, खंड विकास अधिकारी, आईएमए के प्रतिनिधि डा. संजय अग्रवाल सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी आदि उपस्थित रहे, बैठक का संचालन उप मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सुरेन्द्र कुमार ने किया।