रिपोर्ट अशोक कुमार
शाहजहाँपुर । तिलहर में स्थित प्राचीन चरांई मंदिर में एक अनूठी परंपरा के अर्न्तगत होली के सात दिन बाद यहॉं वार्षिक मेले का आयोजन किया जाता है इस वर्ष भी शुक्रवार को बड़ी तादाद में श्रद्धालु मेले में आए । मंदिर में अनन्य आस्था , विश्वास की परंपरा निभाते हुए श्रद्धालु देवी सहित अन्य प्रतिमाओं पर पुण्य प्रसाद अर्पित करते हैं तत्पश्चात खजूर के पत्तों से बने पंखे से देव प्रतिमाओं को हवा की जाती है मान्यता है कि इस रस्म के बाद ही लोग अपने घरों में पंखे का उपयोग शुरू करते हैं मेले में नगर क्षेत्र से ही नहीं, बल्कि आसपास के स्थानीय गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुँचते हैं यहाँ खाने पीने के स्टाल, कई तरह के झूले और खेल खिलौनों की सैकड़ों दुकानें हर वर्ष लगाई जाती हैं प्रशासन श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मेला क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात करता है कोतवाली प्रभारी राकेश कुमार के अनुसार पुलिस कर्मी मेला क्षेत्र में लगातार गश्त कर श्रद्धालुओं की सुविधा ,सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं ।