मैनपुरी प्रदेश नेतृत्व के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ के नेतृत्व में, जिलाधिकारी को एक ज्ञापन प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए, ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं उनके शिष्यों पर झूठी एफ.आई.आर पर निष्पक्ष जांच कराने के सम्बन्ध में जिलाधिकारी कार्यालय पर दिया गया।जिलाध्यक्ष गोपाल कुलश्रेष्ठ ने बताया कि वर्तमान भाजपा सरकार सही बात सुनना नहीं चाहती, जो उन्हें सही सुझाव देता है, उनकी बात को दबाती है। सरकार द्वारा इसी हठधर्मिता के चलते उसके विरूद्ध मुखर होकर अपनी बात रखने वाले ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं उनके शिष्यों को अनायास परेशान एवं प्रताड़ित करने का प्रयास किया जा रहा है। जहाँ एक ओर कुंभ के दौरान मौनी अमावस्या के पुण्य अवसर पर पुलिस द्वारा उन्हें व उनके शिष्यों को स्नान करने से रोका गया, उनके साथ आये बटुकों की चोटी खींच कर उन्हें अपमानित करते हुए थाने में लेजाकर प्रताड़ित करने का कार्य सरकार की सह पर किया गया, वहीं अब शंकराचार्य, उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद ब्रह्मचारी सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ यौन शोषण के आरोप में एफ.आई.आर. दर्ज करायी गयी है। जबकि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 धार्मिक स्वतंत्रता तथा धार्मिक संप्रदायों को अपने धार्मिक मामलों के प्रबंधन का मौलिक अधिकार प्रदान करते हैं। शंकराचार्य का पद सनातन परंपरा में सर्वोच्च आध्यात्मिक पदों में से एक है, जिसकी मान्यता एवं परंपरा ऐतिहासिक धार्मिक परिपाटियों द्वारा निर्धारित होती है।कांग्रेस पार्टी इस मामले में एफ.आई.आर. दर्ज कराने वाले व्यक्तियों की पृष्ठभूमि, उनकी परिस्थितियों तथा संभावित प्रेरक तत्वों का निष्पक्ष परीक्षण एवं पारदर्शी जांच की मांग करती है।इस कार्यक्रम में- वरिष्ठ उपाध्यक्ष भीमसेन कठेरिया, अरविंद यादव (पीसीसी),सुखवीर यादव(जिलाध्यक्ष बिधि प्रकोष्ठ),अनुपम शाक्य(पीसीसी),डा नवीन शर्मा(जिला कोषाध्यक्ष),हिमांशु सेन(जिलाध्यक्ष NSUI), कुमार गौरव खेड़ा (राजीव गांधी पंचायती राज जिला अध्यक्ष)नकुल शाक्य (जिला महासचिव),सुधीर यादव(जिला महासचिव),वासिफ अली(जिला महासचिव),अंकुर कुमार (यूथ जिला उपाध्यक्ष),मोहम्मद नदीम (जिला उपाध्यक्ष किसान कांग्रेस) आदि जिले के कांग्रेसी मौजूद रहे।