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जनपद स्तरीय भाषण, एकल काव्य पाठ एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया

मैनपुरी – भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी के जन्म शताब्दी समारोह में प्रदेश में सुशासन विषेयक संगोष्ठी में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सम्बोधन के सजीव प्रसारण के उपरांत डा. किरन सौजिया सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में सुशासन सप्ताह के अन्तर्गत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुये जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कहा कि “शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर वरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा। उन्होने कहा कि वह हमेशा प्रेरणा के श्रोत रहेंगे, सभी को विशेषतौर पर देश के युवाओं को उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेनी होगी, पूर्व प्रधानमंत्री ने अपने आचरण, व्यक्तित्व, प्रतिभा से भारतीय राजनीति को नई दिशा प्रदान की, उनके व्यक्त्त्वि को सीमित समय में बांधा नहीं जा सकता, उनके व्यक्तित्व से वर्तमान राजनीति, आने वाली पीढ़ी को लाभ मिलेगा। उन्होने कहा कि देश के महापुरुषों के जन्म दिवस पर ऐसे कार्यकम नहीं होगें, उनके बारे में हम स्मरण नहीं करेंगे, उनके द्वारा किये गये कार्यों, उनके द्वारा दिये गये योगदान को याद नहीं करेंगे तब तक कदाचित उनकी महानता के बारे में हमें ज्ञान नहीं होगा, हमें ऐसे कार्यकमों के माध्यम से अपनी युवा पीढ़ी को देश के महापुरूषों के बारे में जागरूक करना होगा। उन्होने कहा कि आज के कार्यक्रम का उद्देश्य आने वाली पीढ़ी मा. अटल बिहारी वाजपेयी, महामना मदन मोहनमालवीय जी के बारे में जाने, इन दोनों महानुभावों का जन्म दिवस आज ही के दिन हुआ, इनके कार्यों, योगदान के बारे में देश के भविष्य बच्चों को बताना होगा।श्री सिंह ने कहा कि श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के बारे में मेरे पास शब्द नहीं हैं, जब विदेश में देश का प्रतिनिधित्व करने की बात आयी तो तत्कालीन प्रधानमंत्री श्रीमती इंन्दिरा गाँधी ने विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी को चुना, हमारे देश के लोकतंत्र के इतिहास में यह घटना विलक्षण, अद्वितीय है। उन्होने कहा कि अटल जी प्रखर प्रवक्ता थे, उनके मनो विवेक के बारे में लोगों ने बहुत बताया, इन्दिरा गाँधी जी ने अटल बिहारी वाजपेयी जी के लिए बोला कि वाजपेयी जी सांसद में हाथ उठा-उठाकर बोलते हैं, तो उनको जवाब देते हुये वाजपेयी जी ने कहा कि मैंने अपने जीवन में ऐसा कोई नेता नहीं देखा जो पैर उठाकर बोलला हो, बात छोटी सी थी लेकिन किसी भी बात को विनोदपूर्ण ढंग से इतना जबरदस्त उत्तर देना वाजपेयी जी की क्षमता थी। उन्होने कहा कि सन् 1996 में एक वोट से उनकी सरकार गिर गयी, उनका भाषण टीवी पर सुना उन्होने कहा था “सरकारें आयेंगी, सरकारें जायेंगी, पार्टियां बनेगीं, पार्टियां बिगड़ेंगी लेकिन देश रहना चाहिए” कल्पना कीजिए कि 13 दिन में सरकार में प्रधानमंत्री का पद और मात्र एक मत से सरकार गिरना, वह व्यक्तित्व कितना विशाल रहा होगा, उन्होने एक मत के पीछे शाम-दाम-दंड-भेद की नीति पर कार्य करना स्वीकार नहीं किया, देश बना रहे इसलिए सरकार गिरना स्वीकार किया।मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने कहा कि भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी के जन्म दिवस के अवसर पर दि. 19 दिसंबर से सुशासन सप्ताह के रूप में मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ही यह व्यक्तित्व थे जिन्होने किसानों के लिए सस्ती ब्याज दर पर बैंकों के माध्यम से ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड योजना को कियान्वित रूप दिया, सभी बच्चों को बुनियादी शिक्षा का अवसर मिले इसके लिए सर्व शिक्षा अभियान की रूप-रेखा भी उन्हीं के समय तैयार हुयी, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत गांव-गांव तक पक्की सड़क के माध्यम से शहरों से जोड़ने की योजना को भी मूर्त रूप उन्हीं के समय में मिला। उन्होने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुये उपस्थित जन-सामान्य, स्कूली बच्चों का आव्हान करते हुये कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री के जीवन से शिक्षा प्राप्त करें कि इतने बड़े व्यक्तित्व के व्यक्ति में कितनी में कितनी सादगी थी, उन्होने पूरे विश्व, देश में शांति-एकता का संदेश दिया।जिलाध्यक्ष राहुल चतुर्वेदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मैनपुरी के समीप आगरा जिले के बटेश्वर में जन्मे श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी बालकाल्य से ही अद्भुत प्रतिभा के धनी थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विचारक के रूप में जिया, जब वह राष्ट्र देव पत्रिका के संपादक थे, सोने के लिए बिस्तर, तकिया नहीं था तो उन्होंने तकिए के स्थान पर ईंट का प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि श्रद्धेय वाजपेई जी ने अपने जीवन को बहुमुखी प्रतिभा के रूप में जिया, विपक्ष का नेता होने के बावजूद तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारत का पक्ष रखने के लिए उन्हें विदेश भेजा, यह लोकतंत्र की अनूठी बात है, जहां देश में विपक्ष का नेता विदेश में प्रतिनिधित्व करने जाए, सन् 1996 में प्रधानमंत्री बने लेकिन एक वोट की कमी के कारण उनकी सरकार गिर गई। उन्होंने अपने सम्पूर्ण जीवन में काव्य पाठ किये, सन् 1998 में उन्होंने अंतिम बार मैनपुरी की यात्रा की, उनको देखने के लिए पूरे 03 घंटे जनपद की जनता सड़कों पर खड़ी रही।जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिलाध्यक्ष ने भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेई जी के जन्मदिवस के अवसर पर उच्च शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा जनपद स्तरीय भाषण, एकल काव्य पाठ एवं निबंध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, उच्च शिक्षा भाषण प्रतियोगिता में आर्यन देव ने प्रथम, प्रेटी यादव ने द्वितीय, ममता ने तृतीय, एकल काव्य पाठ प्रतियोगिता उच्च शिक्षा में आर्यन देव ने प्रथम, गौरी मिश्रा ने द्वितीय, आकांक्षा चौहान ने तृतीय एवं माध्यमिक शिक्षा निबंध प्रतियोगिता में शिखा यादव ने प्रथम, मनु ने द्वितीय एवं गार्गी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया, उच्च शिक्षा में प्रथम स्थान पाने वाले विजेताओं को रू. 10 हजार, द्वितीय स्थान प्राप्त विजेताओं को रू. 05 हजार एवं तृतीय स्थान पर रहे विजेताओं को रू. 2500 एवं माध्यमिक शिक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विजेता को रू. 05 हजार, द्वितीय, तृतीय स्थान पर रहे विजेताओं को रू. 02-02 हजार का पुरस्कार प्रदान किया। इस दौरान डा. किरन सौजिया सीनियर सैकेण्डरी स्कूल के प्रबन्ध निदेशक डा. अशोक यादव, डा. किरन सौजिया के अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, प्राचार्य, नोडल अधिकारी उच्च शिक्षा डा. एस.पी. सिंह, डा. अम्बेडकर महा विद्यालय से डा. जय प्रकाश यादव, डा. जगजीवन राम आजाद, डा. गीता देवी, शिक्षक, शिक्षिकाएं, प्रतिभागी छात्र-छात्राएं आदि उपस्थित रहे।

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