
रिपोर्ट भूदेव सिंह प्रेमी
बिल्सी – तहसील क्षेत्र के गांव अंबियापुर में सम्राट चंद्रगुप्त मौर्य की 2327वीं जयंती बहुत ही धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ मनाई कार्यक्रम में सर्व प्रथम बुद्ध वंदना की उपरांत चन्द्र गुप्त मौर्य के चित्र पर माल्यार्पण उन्हें नमन किया। चन्द्र शेखर उर्फ टिंकू शाक्य ने बताया कि भारतीय इतिहास में प्रथम चक्रवर्ती सम्राट चन्द्र गुप्त मौर्य एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे उनके शासन के दौरान मौर्य साम्राज्य पूर्व में बंगाल और असम पश्चिम में अफगानिस्तान और बलूचिस्तान उत्तर में कश्मीर और नेपाल तथा दक्षिण में दक्कन के पठार तक फैला हुआ था। उन्होंने देश के छोटे-छोटे बिखरे हुए राज्यों को एकजुट कर एक विशाल साम्राज्य बनाने का जो कार्य किया था वह अनुकरणीय रहा। चन्द्र गुप्त मौर्य ने लोक कल्याण के लिए अनेक नियम लागू किए जो आज भी भारतीय संविधान में उल्लिखित हैं। राजाराम शाक्य ने कहा कि मौर्य जी के शासन काल में जनता अत्यंत खुशहाल थी चोरों तरफ चैनोंअमन एवं हर तरफ हरियाली ही हरियाली थी। इस दौरान डॉ भगवान शरण शाक्य शिवम् शाक्य गंगासहाय मौर्य विपिन सागर संतोष कुमार लोकपाल भोजराज शाक्य निकू सागर नरेंद्र शाक्य शिशुपाल सागर श्रीपाल शाक्य कमल शाक्य के साथ दर्जनों लोग मौजूद रहे।