बदायूं उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य पूर्व कार्यवाहक शहर अध्यक्ष चौधरी वफाती मिया ने सरकार द्वारा जातिगत जनगणना कराई जाने की घोषणा पर आज अपने विचार व्यक्त किएउन्होंने कहा कि जो लोग कहते थे कि जाति जनगणना पाप है, वो लोग अब जाति जनगणना को मास्टस्ट्रोक बता रहे हैं। मगर देश को याद है कि राहुल गांधी ने संसद में ताल ठोककर कहा था कि मोदी जी, आप चाहे जो कर लें, आपको जाति जनगणना कराना ही पड़ेगी और हुआ वही,मगर ये इतना आसान नहीं था, इसके लिए राहुल गांधी ने इस सरकार की आंख में आंख डालकर उसे चुनौती दी थी। BJP-RSS के लोगों ने उन पर पर्सनल अटैक किए, उनको गालियां दी….मगर राहुल गांधी बिना डरे, बिना झुके लड़ते रहें, इस देश के करोड़ों लोगों के लिए। और अंत में सरकार को झुकना पड़ा राहुल गांधी देश के गरीबों, पिछड़ो, दलितों, आदिवासियों और महिलाओं के लिए मजबूत आवाज है ये बीजेपी के लोग किसी भी सूरत में नहीं चाहते थे कि देश में जाति जनगणना हो, मगर इन्हें राहुल गांधी औऱ कांग्रेस के संकल्प के आगे झुकना पड़ा है। राहुल गांधी ने कहा था कि मैं लिखकर दे रहा हूं कि जिस दिन जाति जनगणना हो गई, उस दिन इस देश के कई करोड़ लोगों की जिंदगी सुधर जाएगी, उस दिन इस देश की राजनीति बदल जाएगी। पिछड़ों और दलितों को आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक न्याय मिलेगा। हमें जानना चाहिए कि राहुल गांधी ने सबसे पहले 2023 में कर्नाटक की कोलार रैली से जाति जनगणना का संकल्प लिया था। इस संकल्प को देश बांटने की राजनीति बताते हुए प्रधानमंत्री ने 2 अक्टूबर 2023 को ग्वालियर की रैली में कहा था कि जाति जनगणना पाप है। मगर अब प्रधानमंत्री खुद पाप करने के लिए विवश हो गए हैं।।अब सामाजिक न्याय का सपना पूरा होने जा रहा है। जो मंडल कमीशन नहीं कर पाया, वो राहुल गांधी के संकल्प से पूरा होने जा रहा है।