अयोध्या आशुतोष रावत
पासी के बाद कोरी समाज को प्रतिनिधित्व देकर मिल्कीपुर के सपा के गढ़ को फिर भेदने की तैयारी शुरू
मिल्कीपुर विधानसभा क्षेत्र व कोरी समाज को राधेश्याम त्यागी के रूप में पहला भाजपा जिला अध्यक्ष मिला है।इसके पूर्व जिला अध्यक्ष अयोध्या, बीकापुर,गोसाईंगंज विधानसभा क्षेत्र के ही होते रहे हैं।वहीं जातीय आधार पर देखें तो अगड़े समाज ब्राह्मण, क्षत्रिय के इर्द-गिर्द घूमने वाली जिला अध्यक्ष की कुर्सी पहली बार किसी दलित कार्यकर्ता के हाथ लगी है। आरक्षित विधानसभा मिल्कीपुर में पासी समाज से भाजपा विधायक होने के बावजूद राधेश्याम त्यागी की जिला अध्यक्ष पद नियुक्ति कर भाजपा ने 2027 के आम चुनाव में एक बार फिर से सपा के गढ़ को भेदने की मजबूत तैयारी का संदेश दिया है।
मिल्कीपुर विधानसभा सपा का गढ़ मानी जाती है,सपा के इस गढ़ में 1992 की राम लहर में स्वर्गीय मथुरा प्रसाद तिवारी के विधायक बनने के बाद 2017 की लहर में गोरखनाथ बाबा विधायक बने थे,जो 2022 के आम चुनाव में सपा प्रत्याशी रहे अवधेश प्रसाद से हार गए। 2024 में हुए उपचुनाव में संगठन और सरकार के पुरजोर कोशिश के बाद सफलता मिल सकी।उपचुनाव में मिल्कीपुर की नब्ज़ समझने वाली भाजपा ने पासी समाज के साथ कोरी समाज को भी अपने पाले में खड़ा करने की कोशिश के तहत जिला अध्यक्ष पद पर पहली बार किसी दलित की ताजपोसी की है।कोरी समाज के साथ-साथ दलित समाज में अच्छी पकड़ रखने वाले तीन बार के जिला महामंत्री राधेश्याम त्यागी के अध्यक्ष पद पर आसीन होने से मिल्कीपुर में भाजपा को विशेष फायदा मिलने की उम्मीद है।