मैनपुरी – जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने कृषक दुर्घटना बीमा योजना की समीक्षा के दौरान कहा कि कृषकों को दुर्घटना बीमा का लाम समय से मिले, सुनिश्चित किया जाय जो दावे प्राप्त हुये है उन्हें सम्बन्धित उप जिलाधिकारी तत्काल स्वीकृत कराना सुनिश्चित करें। उन्होने कहा कि योजना के अन्तर्गत कृषक की परिभाषा का विस्तार किया गया है, खतौनी में दर्ज खातेदार, सह खातेदार के साथ-साथ परिवार के ऐसे कमाऊ सदस्य जिनकी आजीविका का मुख्य श्रोत खातेदार, सह खातेदार के नाम दर्ज भूमि से होने वाली कृषि आय है तथा जिनकी जीविका का मुख्य साधन ऐसे पट्टे अथवा बटाई पर ली गयी भूमि पर कृषि कार्य है, को सम्मलित किया गया है, पात्र कृषक की आयु 18 वर्ष से 70 वर्ष तक निर्धारित की गयी है।श्री सिंह ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत तहसील सदर के 43, तहसील भोगांव के 97, तहसील करहल के 19, तहसील किशनी के 46, तहसील घिरोर के 14 तथा तहसील कुरावली के 15 नवीन दावे तथा तहसील भोगांव के 03, किशनी की 04 पुरानी पत्रावलियों पर विचार करते हुए कुल 241 दावों के निस्तारण के आदेश दिए। उन्होने मुख्यमंत्री कृ षक दुर्घटना कल्याण योजना की बैठक प्रत्येक माह में कराने के निर्देश दिये ताकि प्राप्त दावों का समय से निस्तारण हो और पात्र लाभार्थियों को योजना का लाभ समय से मिल सके।बैठक में अपर जिलाधिकारी राम जी मिश्र, उप जिलाधिकारी सदर, भोगांव, करहल, किशनी, घिरोर, क्रावली, अभिषेक कुमार, संध्या शर्मा, नीरज कुमार द्विवेदी, गोपाल शर्मा, प्रसून कश्यप, आर.एन वर्मा, जिला शासकीय अधिवक्ता सुधाकर मिश्रा, एल.आर.सी. विनय प्रताप, राजस्व निरीक्षक आदि उपस्थित रहे।