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कुँ.आरसी. महिला महाविद्यालय, में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया

मैनपुरी। कुँ.आरसी. महिला महाविद्यालय, मैनपुरी में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मैनपुरी के तत्वावधान में विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय की संयुक्त सचिव डॉ सुशीला त्यागी जी ने कहा कि समानता प्रत्येक नागरिक का अधिकार है। जीवन की तमाम समस्याओं से निपटने के लिए हमें नियमों और कानूनों से अवगत होना आवश्यक है। जनपद न्यायाधीश/ अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मैनपुरी तथा अपर जनपद न्यायाधीश श्री कमल सिंह जी ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन करके कार्यक्रम का शुभारंभ किया। सर्वप्रथम बी ए की छात्रा काजल परमार ने लैंगिक समानता से संबंधित विषय पर अपने वक्तव्य दिए। मुख्य वक्ता अपर जनपद न्यायाधीश/पूर्णकालिक सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मैनपुरी कमल सिंह जी ने छात्राओं को बताया कि अज्ञानता या गरीबी के कारण कोई व्यक्ति न्याय से वंचित न रह जाए इसीलिए निःशुल्क विधिक सहायता प्रदान करने का प्रावधान किया गया। तत्पश्चात् उन्होंने छात्राओं की समस्याएं सुनी तथा उनके विधिक निदान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि महिलाएं व 18 वर्ष के बच्चे, किसी भी आपदा क्षेत्र से संबंधित व्यक्ति, मानसिक रूप से अक्षम या दिव्यांग व्यक्तियों को विधिक सेवा प्राधिकरण उनकी किसी भी समस्या में विधिक कार्यवाहियों के लिए निःशुल्क सहायता प्रदान करेगा। तत्पश्चात् जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मैनपुरी श्री सुधीर जी ने छात्राओं को पॉक्सो एक्ट से संबंधित जानकारियों से अवगत कराया। कार्यक्रम के अंत में सी. जे. एम. मैनपुरी नम्रता सिंह ने छात्राओं सर्वाइकल कैंसर के बारे में विस्तारपूर्ण जानकारी देते हुए उसके निदान पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हाइजीन का विशेष ध्यान रखते हुए इस गंभीर समस्या से बचा जा सकता है। अंत में सभी विशेषज्ञों का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ शेफाली यादव जी ने कहा कि आज महिलाओं के लिए न्यायप्रणाली और अदालतों की कार्यवाहियों से वाकिफ होना आवश्यक है जिससे वह अपनी समस्याओं से मजबूती से लड़ सकें। न्यायिक प्रक्रिया से अनभिज्ञ होने के कारण महिलाएं प्रायः शोषण बर्दाश्त करती रहती हैं। इस तरह के कार्यक्रम से छात्राएं अपने अधिकारों को अच्छे से समझ सकेंगी। कार्यक्रम का संचालन करते हुए डॉ. अलका पाठक ने कहा हम जन सहभागिता और जनजागरण के माध्यम से विधिक साक्षरता को बढ़ावा देने में सक्षम होंगे। जिसके द्वारा न्याय की पहुंच हर आम व्यक्ति तक हो सकेगी। उक्त कार्यक्रम में प्रो. मधु गुप्ता, डॉ. कीर्ति जैन, डॉ.अनीता सिंह, डॉ.कुसुम यादव, डॉ विभा जैन तथा अन्य शिक्षक -शिक्षिकाओं के साथ समस्त छात्राएं एवं शिक्षणेत्तर स्टाफ भी मौजूद रहे।

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