रिपोर्ट वैभव गुप्ता
बरेली/आंवला पुलिस पर एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी राजमिस्त्री के खिलाफ मामला दर्ज न करने और पीड़ित को धमकाने का आरोप लगा है। ग्राम बीहट निवासी प्रदीप ने अपनी पत्नी के घायल होने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।प्रदीप ने पिछले माह 10 फरवरी 2026 को आंवला थाने में एक प्रार्थना पत्र दिया था। इसमें बताया गया था कि उन्होंने ग्राम मनोना निवासी जावेद सेफी को अपने मकान के निर्माण का ठेका दिया था। राजमिस्त्री जावेद की लापरवाही के कारण 7 फरवरी 2026 को मकान में बना जीना (सीढ़ियां) गिर गया।इस घटना में प्रदीप की पत्नी रामसनेही दबकर बुरी तरह घायल हो गईं। उन्हें तत्काल बरेली के श्री सिद्धि विनायक अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने उनके पैर में फ्रैक्चर बताया। घायल महिला का ऑपरेशन कर पैर में रॉड डाली गई है।पीड़ित प्रदीप ने आरोपी राजमिस्त्री जावेद सेफी के खिलाफ थाना आंवला में मुकदमा दर्ज करने की मांग की थी। एक महीने से अधिक समय से प्रदीप थाने के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन पुलिस ने अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया है।प्रदीप का आरोप है कि आंवला पुलिस मुकदमा दर्ज करने के बजाय उन्हें धमका रही है। इस मामले में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पीड़ित ने उच्च अधिकारियों को ट्वीट के माध्यम से इस पूरे प्रकरण से अवगत करा दिया है।