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आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का तीसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन, वेतन भेदभाव और कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल

(रिपोर्ट: स्टेट हेड ब्यूरो चीफ -भूदेव प्रेमी)

बदायूं – इस्लामनगरउत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPCL) और इसके सहयोगी निगमों में आउटसोर्सिंग के माध्यम से कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर आज तीसरे दिन भी विरोध प्रदर्शन जारी रखा। बदायूं जिले के इस्लामनगर कस्बा स्थित बिजली घर पर चल रहे इस धरना प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश पावर कार्पोरेशन निविदा/संविदा कर्मचारी संघ लखनऊ के बैनर तले कर्मचारियों ने वेतन असमानता, कार्यभार का अत्यधिक दबाव और असुरक्षित कार्य परिस्थितियों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं।प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लाइनमैन, उपकेंद्र परिचालन जैसे तकनीकी और खतरनाक कार्यों को आउटसोर्स कर्मचारियों से कराया जा रहा है, जबकि लेबर अनुबंध के नाम पर इन्हें कम वेतन पर रखा गया है। सैनिक कल्याण निगम से तैनात कर्मचारियों को लगभग 30,000 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है, वहीं समान पदों पर कार्यरत अन्य आउटसोर्स कर्मचारियों को मात्र 13,000 रुपये वेतन दिया जा रहा है।कर्मचारियों का कहना है कि पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने अपने ही आदेश (दिनांक 15 मई 2017) का उल्लंघन करते हुए ग्रामीण उपकेंद्रों पर 20 की जगह 12.5 और शहरी उपकेंद्रों पर 36 की जगह 18.5 कर्मचारियों की तैनाती की है। इससे न केवल काम का दबाव बढ़ा है, बल्कि कई कर्मचारियों की छंटनी भी कर दी गई है।प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें जबरन फेशियल अटेंडेंस लगाने के लिए मजबूर किया जा रहा है, और 55 वर्ष की उम्र पार कर चुके कर्मचारियों को बिना बकाया वेतन चुकाए काम से हटाया जा रहा है। साथ ही, विद्युत दुर्घटनाओं में घायल हुए कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा भी नहीं दी जा रही है।संघ के नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और व्यापक स्तर पर ले जाया जाएगा।(रिपोर्ट: स्टेट हेड ब्यूरो चीफ -भूदेव प्रेमी, इंडिया टाइम्स 7 न्यूज)

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